छोटा जवाब
प्रतिशत = प्राप्त अंक ÷ कुल अंक × 100। पूरी मार्कशीट के लिए सभी प्राप्त अंकों का जोड़ ÷ सभी अधिकतम अंकों का जोड़ × 100। लक्ष्य के लिए “लक्ष्य तक पहुँचें” विकल्प इस्तेमाल करें।
यह कैलकुलेटर क्या करता है?
तीन काम: एक परीक्षा का प्रतिशत, पूरी मार्कशीट का कुल प्रतिशत, और लक्ष्य प्रतिशत पाने के लिए बाकी परीक्षाओं में कितने अंक चाहिए।
तीसरा विकल्प सबसे काम का है — “कितना प्रतिशत आया” तो मन में भी निकल जाता है, पर “आगे कितने अंक चाहिए” जल्दी समझ नहीं आता।
इस्तेमाल कैसे करें?
- “एक विषय”, “पूरी मार्कशीट” या “लक्ष्य तक पहुँचें” चुनें।
- प्राप्त अंक और अधिकतम अंक डालें। मार्कशीट के लिए “विषय जोड़ें” दबाकर सभी विषय डालें।
- “प्रतिशत निकालें” दबाएँ। प्रतिशत, कटे अंक और सूत्र दिख जाएँगे।
सूत्र
एक विषय: प्रतिशत = प्राप्त ÷ अधिकतम × 100।
पूरी मार्कशीट: कुल प्रतिशत = (सभी प्राप्त अंकों का जोड़ ÷ सभी अधिकतम अंकों का जोड़) × 100।
लक्ष्य: और चाहिए अंक = (लक्ष्य ÷ 100) × आख़िरी कुल अधिकतम − अब तक मिले अंक।
उदाहरण 1 — दसवीं की मार्कशीट
पाँच विषय, हर एक 100 अंक का। प्राप्त अंक: 85, 78, 92, 70, 87। जोड़ 412, अधिकतम 500। प्रतिशत = 412 ÷ 500 × 100 = 82.4%।
उदाहरण 2 — लक्ष्य तक पहुँचना
अब तक 300 में से 210 अंक (70%)। अभी 200 अंकों की परीक्षाएँ बाकी हैं और लक्ष्य 75% है। आख़िरी कुल अधिकतम = 500। लक्ष्य के लिए कुल चाहिए = 375। और चाहिए = 375 − 210 = 165, यानी बाकी 200 में से 82.5%।
आम गलतियाँ
- अलग-अलग अधिकतम अंकों वाले विषयों के प्रतिशत का साधारण औसत लेना।
- हर विषय का प्रतिशत पहले ही राउंड करके फिर जोड़ना — राउंड आख़िर में ही करें।
- “बाकी अंक” की जगह बाकी परीक्षाओं की संख्या डाल देना।
काम की बातें
- हर सेमेस्टर के बाद “लक्ष्य तक पहुँचें” से आगे की योजना बनाएँ।
- फ़ॉर्म में प्रतिशत लिखते समय मार्कशीट पर छपा आँकड़ा ही लिखें।
- अगर मार्कशीट पर CGPA लिखा है, तो बोर्ड या विश्वविद्यालय का अपना बदलने का नियम देखें।